पुलिस अधीक्षक ने किया कार्यशाला का आयोजन

             
आजमगढ। पुलिस अधीक्षक प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह ने बताया कि जितनी भी माइक्रो फाइनेंस कंपनियां है वह छोटे-छोटे लोन देती है। गांव के लेबल पर जाकर गरीब लोगों को 40-50 हजार का लोन दे देती है जो बहुत साक्षर नहीं होते और इन सब चीजों को समझते भी नहीं है और कभी-कभी क्रिमिनल धोखाधड़ी करने वाले उनको शिकार बना लेते हैं आजकल के साइबर क्राइम की दुनिया में नए नए तकनीक और नए-नए टेक्निक का इस्तेमाल करके जो कम पढ़े लिखे लोग हैं उनको शिकार बनाया जा रहा है इसी लिए यह कार्यशाला का आयोजन किया गया है कि आप अपना ओटीपी किसी को शेयर मत करिए आप अपना मोबाइल नंबर किसी को शेयर मत करिए। अकाउंट में कितना पैसा है। आप किसी को डेबिट कार्ड का डिटेल मत बताइए। अगर कोई फोन आता है अकाउंट के बारे में पूछा जाता है तो इसके बारे में किसी को ना बताइए। जिन लोगों ने लोन लिया है उनको बताया जा रहा है इस प्रकार के जागरूकता अभियान चलाकर ग्राहकों को सुरक्षा के तरिके बताए गये।

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